अलवर , अप्रैल 18 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य में एक महिला वन रक्षक ने जंगलों में करीब डेढ़ सौ किलोमीटर पैदल गश्त करके अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठा की नई मिसाल कायम की है।

वन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कोमल सैनी को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए वन संरक्षक और क्षेत्रीय निदेशक स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र के रूप में दिया जाएगा।

यह महिला वन रक्षक कोमल सैनी वनकर्मियों एवं वन्यजीव प्रेमियों के लिये एक प्रेरणा का स्रोत बन गयी है। इसी वर्ष मार्च में वन रक्षक कोमल सैनी ने अलवर बफर क्षेत्र में सर्वाधिक पैदल गश्त (157 किमी) करके न केवल अपने कर्तव्य का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया बल्कि बाघ परियोजना में पैदल गश्त करके उन्होंने वन सुरक्षा को मजबूत किया। वह अपने साथियों के लिए भी प्रेरणा बन गईं है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण में पैदल गश्त लगाना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्य है।

सरिस्का बाघ अभयारण्य प्रशासन प्रत्येक महीने एम-स्ट्राइप्स पैट्रोलिंग एप के आधार पर की गई सर्वाधिक पैदल गश्त के लिए एक वन कर्मी को वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक के स्तर से सम्मानित करता है।

सूत्रों ने बताया कि महिला वनरक्षक का काम सिर्फ गश्त करना नहीं होता, बल्कि हर दिन खतरों से सामना भी करना पड़ता है। घने जंगल, जंगली जानवरों की मौजूदगी, मौसम की मार और सीमित संसाधनों के बीच उन्हें लगातार सतर्क रहना होता है।

कोमल सैनी जैसे वन रक्षक दिन-रात जंगल में रहकर बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कई बार उन्हें घंटों पैदल चलकर दुर्गम इलाकों में पहुंचना पड़ता है, जहां संचार के साधन भी नहीं होते।

जंगल में तैनात महिला वन रक्षक को अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। त्योहार हो या मुश्किल समय, ड्यूटी पहले आती है। इसके बावजूद वे पूरी निष्ठा के साथ वन्यजीव संरक्षण में जुटी रहती हैं। सरिस्का जैसे संवेदनशील क्षेत्र में महिला वनरक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। वे न केवल अवैध शिकार और जंगल की गतिविधियों पर नजर रखती हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम योगदान देती हैं।

कोमल सैनी की यह उपलब्धि दिखाती है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने जो साहस और समर्पण दिखाया है, वह अन्य वनकर्मियों और समाज के लिए प्रेरणादायक है।

उधर,राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामवीर गुर्जर ने कहा कि बाघ परियोजना सरिस्का के अधिकारियों की ओर से वन कर्मचारियों को इस प्रकार से सम्मानित करना बहुत ही अच्छी और अनूठी पहल है इससे वन कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा साथ ही साथ वन कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।

राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ भी इसी क्रम में सम्मानित किए गए एक अन्य कर्मचारी घनश्याम सैनी और कोमल सैनी का शीघ्र ही सम्मान समारोह आयोजित करेगा।

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