पटना , सितंबर 21 -- ाजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित ज्ञान भवन में रविवार को सरस मेला-2026 का शानदार आगाज हुआ। मेले में बिहार की जीविका दीदियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आई महिला कारीगरों और उद्यमियों ने अपने हुनर और उत्पादों का प्रदर्शन किया है। यहां मधुबनी पेंटिंग, सिल्क साड़ी, अचार, लेदर उत्पाद, बेसन, पश्मीना सहित हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला लोगों को आकर्षित कर रही है।
सरस मेला में इस बार मधुबनी पेंटिंग, लेदर उत्पाद और मिथिला के प्रसिद्ध मखाना खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में पहुंचे आगंतुकों ने कहा कि बिहार की पहचान से जुड़े मखाना और मधुबनी पेंटिंग जैसे उत्पाद अब केवल राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इन उत्पादों के जरिए बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपरा को नई पहचान मिल रही है।
मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंची महिला कारीगरों की मौजूदगी भी बिहार की बढ़ती पहचान और बाजार की संभावनाओं को दर्शा रही है।
सरस मेला में भाग लेने पहुंची जीविका दीदी प्रीति कुमारी ने कहा कि सरस मेला हजारों आत्मनिर्भर महिलाओं के लिए सम्मान का मंच है।उन्होंने कहा कि वह पीएमसीएच स्थित दीदी की रसोई में अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं। मेला में पहली बार लिट्टी-चोखा, चिकन चावल का स्टॉल लगाने का मौका प्राप्त हुआ है। युवा मुख्यमंत्री की सरकार ने हमारी जैसी हजारों महिलाओं को सम्मानित मंच प्रदान करके आत्मनिर्भरता की नयी नींव रखी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित