पटना, जुलाई 15 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) योजना के विस्तार संबंधी राज्य मंत्रिपरिषद् के फैसले का बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।

श्री तिवारी ने कहा कि इस फैसले से राज्य के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पूर्व में चयनित सरस्वती विद्या निकेतन के अतिरिक्त अब राज्य के अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों का भी चयन कर उन्हें सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित और संचालित किया जाएगा।

श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और नवाचार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि सरकारी विद्यालय भी शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर सकें।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। सरस्वती विद्या निकेतन योजना के विस्तार से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक सुविधाएं और सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, इससे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण को भी मजबूती मिलेगी।

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