पटना , अक्टूबर 29 -- बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरस्वती विद्या निकेतनों (आदर्श विद्यालयों) के सुचारु संचालन के लिए जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश दिए हैं।
शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार और निर्धारित नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र के अनुसार, इन विद्यालयों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए आयोजित बैठकों में प्राप्त सुझावों के आधार पर छह प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
विद्यालय परिसर में यथासंभव पुलिस आवासन की व्यवस्था नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन विद्यालयों में लिपिक और परिचारी के पदस्थापन की व्यवस्था नहीं है, वहां नजदीकी विद्यालयों में कार्यरत संबंधित कर्मियों को प्रतिनियुक्त करने को कहा गया है।
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि यथासंभव इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को वैकल्पिक परीक्षा केंद्रों की अनुशंसा करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है।
विद्यालयों में चेतना सत्र के सुचारु संचालन और वाद्य यंत्रों के समुचित उपयोग पर भी जोर दिया गया है। इसकी नियमित निगरानी के लिए नामित पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, अध्ययनरत छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति के नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने कक्षा नौवीं में अनुत्तीर्ण रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया है, ताकि उनकी पढ़ाई में सुधार हो सके।
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