नैनीताल , जुलाई 10 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सेराघाट स्थित सरयू नदी किनारे कचरे के निस्तारण के मामले में अल्मोड़ा के जिलाधिकारी से तीन माह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने इस मामले में मंगलवार 07 जुलाई को सुनवाई की। आदेश की प्रति आज उपलब्ध हुई। पीठ नेउत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) की 18 मार्च 2026 की निरीक्षण रिपोर्ट पर विचार करने के बाद यह निर्देश जारी किए।

मामला सरयू नदी के सेराघाट क्षेत्र में कचरा फेंके जाने की शिकायत से जुड़ा है। इससे पहले एनजीटी से तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पीठ ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों तथा सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की है। इसलिए इस मामले में जिलाधिकारी को यह बताना होगा कि क्या सुधारात्मक और दंडात्मक कदम उठाए गए हैं।

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को सेराघाट में सरयू नदी के किनारे निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में अल्मोड़ा की ओर नदी तट के पास 12 से 13 आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा पिथौरागढ़ की ओर दो से तीन आवासीय एवं कार्यालय भवन पाए गए।

रिपोर्ट में बताया गया कि पिथौरागढ़ क्षेत्र में नगर निकाय के ठोस कचरे के संग्रह के लिए एक कचरा संग्रहण शेड बनाया गया है, जबकि अल्मोड़ा क्षेत्र में कचरा एकत्र करने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। नदी किनारे कुछ स्थानों पर ठोस कचरा बिखरा हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिला पंचायत अल्मोड़ा सप्ताह में एक बार वाहन के माध्यम से कचरा उठाती है।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि आसपास के आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सीवेज का सेप्टिक टैंक और सोख्ता गड्ढों के माध्यम से प्रबंधन किया जा रहा है तथा नदी में सीधे सीवेज का प्रवाह नहीं मिला।

बोर्ड द्वारा सरयू नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में जल गुणवत्ता केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के श्रेणी-बी मानकों के अनुरूप पाई गई। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मासिक निगरानी रिपोर्ट में भी जल गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप बताई गई है।

एनजीटी ने अल्मोड़ा के जिलाधिकारी को निरीक्षण रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों की समीक्षा कर सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तीन माह के अंदर अधिकरण के रजिस्ट्रार जनरल को ई-मेल के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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