फगवाड़ा , जुलाई 15 -- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पंजाब में फगवाड़ा जिले के रामपुर सुनेरा गांव की महिला सरपंच और उनके पति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए रावलपिंडी पुलिस थाने के बाहर करीब तीन घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस उप अधीक्षक द्वारा निष्पक्ष और विस्तृत जांच का आश्वासन दिये जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के बाहर होशियारपुर रोड पर जाम लगा दिया और पंजाब सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने से यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और भीषण गर्मी में वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा।

धरने को संबोधित करते हुए बसपा के फगवाड़ा विधानसभा प्रभारी लेखराज जमालपुरी, पार्षद एवं पार्टी अध्यक्ष चिरंजी लाल काला, उपाध्यक्ष सुखविंदर सिंह शेरगिल, ग्रामीण जिला प्रधान परमिंदर बोध, पार्षद अमनदीप सहित अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि रावलपिंडी थाना पहले भी कई विवादों में घिरा रहा है और स्थानीय पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है।

बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि थाने में आम लोगों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, जबकि गांव रामपुर सुनेरा की महिला सरपंच और उनके पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर पूरी तरह झूठी, निराधार और राजनीतिक दबाव में दर्ज की गयी है। उन्होंने इस मामले सहित थाना क्षेत्र के अन्य लंबित मामलों की भी निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से बसपा के सरपंचों, पंचों और समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। करीब तीन घंटे बाद डीएसपी पलविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरपंच के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष एवं गहन जांच करायी जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद बसपा नेताओं ने धरना समाप्त करने की घोषणा की, हालांकि उन्होंने मांगें पूरी न होने पर बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी।

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