जयपुर , अगस्त 20 -- राजस्थान में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह स्कूलों में खराब व्यवस्था एवं जर्जर हालत के कारण स्कूलों में मीडिया एवं अन्य लोगों के जाने पर रोक लगाने के फरमान जारी कर अपनी गलती को छुपाने का प्रयास कर रही है।

श्री पायलट ने गुरुवार को विधानसभा के बाहर कांग्रेस सदस्यों के धरने के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सरकार स्कूल में आने से मना करती है और फोटो खींचने से मना करती है, मतलब गलती छुपाने के लिए आदेश जारी किये जा रहे हैं, जबकि उच्च न्यायालय सरकार को लताड़ लगाई है कि स्कूलों को ठीक कराये।

उन्होंने कहा कि शिक्षा की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा इन तमाम मुद्दों को लेकर सरकार बिल्कुल गंभीर नहीं है और उन्हें लगता है कि सरकार की पहली प्राथमिकता कक्षा घर, स्कूल, स्कूल परिसर, स्कूल के बच्चों की सुरक्षा, खाने-पीने का इंतजाम सरकार को देखना चाहिए। स्कूलों की लगातार जर्जर हालत है। बरसात से कई जगह छतें गिर रही हैं और बच्चों को नुकसान हो रहा है। झालावाड़ में कई मासूम बच्चों की मौत हुई है और अब सरकार चाहती है कि वहां जाओ ही मत। उन्होंने कहा कि न पत्रकार जाये, न कोई फोटो खींचे। गलती को छुपाने के लिए हर सीमा को पार करने के लिए सरकार तैयार है। जनता सब देख रही है। सरकार की जवाबदेही तय करनी पड़ेगी और इसलिए हम लोग यहां बैठे हैं।

श्री पायलट ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जो स्कूल खोले, यह सरकार उन्हें बंद कर रही हैं। बजाय इसके कि वहां निवेश हो और नौजवान हमारी पूंजी है और आज बच्चे खुद धरना दे रहे हैं। कहीं अध्यापक नहीं हैं, कहीं व्यवस्था खराब है, तो बजाय उसको सुलझाने एवं समाधान करने के यह कानून बना रहे है। उच्च न्यायालय ने कह दिया है, पूरा विपक्ष बोल रहा है और पूरी जनता बोल रही है कि स्कूलों की जर्जर हालत ठीक करें। उन्होंने कहा कि सरकार बौखलाई हुई है, न जवाब है, न निधि है, न नीयत है। अगर सरकार प्राथमिकता तय करे, तो सुधार हो सकता है लेकिन वह करना नहीं चाहती।

उन्होंने निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की पूरी तैयारी है और हमारे सारे नेता कार्यकर्ता प्रभारी, पदाधिकारी सब लोग बैठक कर चुके हैं लेकिन सरकार भी जानबूझ कर जो पंचायत चुनाव में देरी करना चाहती है। 'वन इलेक्शन वन नेशन' की बात कर रहे थे। अब सिर्फ निकाय में चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। हमारी पार्टी पूरी तरह तैयार है और बहुत नौजवानों को मौका देना चाहते हैं और अच्छे बहुमत के साथ कांग्रेस जीतेगी।

श्री पायलट ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में कहा कि पुलिस ने बिहार में छात्रों पर गोली चलायी और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पैलेट गन एवं लाठी चली। एक नौजवान की आंख चली गयी। इसके लिए जिसने ऑर्डर दिया था, उसको जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हम जवाबदेही तय करना चाहते हैं और नौजवानों के साथ जो नुकसान हो रहा है, उसको भरने की सरकार की मंशा नहीं है। सिर्फ बहानेबाजी करते हैं और सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्ष चाहता है कि सार्थक चर्चा हो, संवाद हो लेकिन संवाद करना नहीं चाहते। सत्ता पक्ष तानाशाही तरीके से सदन की कार्यवाही चलाना चाहते हैं, तो सदन कैसे चल सकता है।

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