नवी मुंबई , मार्च 01 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि वह और उनकी सरकार सिखों की आस्था का सम्मान करती है और उसकी प्रगति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

श्री मोदी सिख गुरु श्री तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समागम के दौरान नवी मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने कहा," सिख समाज की आस्था का सम्मान, उनकी प्रगति के नए अवसरों का निर्माण, हम इसे अपनी ज़िम्मेदारी भी मानते हैं, और इस सेवा को अपना सौभाग्य भी समझते हैं। "उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सिखों के लिए सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है और इसी प्रतिबद्धता के कारण, हमने 1984 दंगों की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा,"बंद पड़े 1984 दंगा केस दोबारा खुलवाए। कई मामलों में दोषियों को सज़ा दिलवाई गई। 1984 पीड़ित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवज़ा घोषित किया गया। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका दी गई।"श्री मोदी ने इसी संदर्भ में अफगानिस्तान में सिखों की सुरक्षा और गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान के लिए " मिशन मोड में " वहां से गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को सुरक्षित, सम्मानपूर्वक वापस ले जाने, अफगान सिखों और हिंदुओं को नागरिकता देने का रास्ता साफ करने, नागरिकता अधिनियम में संशोधन के माध्यम से उत्पीड़ित सिख शरणार्थियों को राहत देने जैसे अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सिख परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज भी लागू किए गए। इसी तरह, भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) के कार्ड और वीज़ा नियमों को आसान बनाया गया। ब्लैकलिस्ट किए गए हजारों सिखों के नाम ब्लैकलिस्ट से हटाए गए। प्रवासी सिखों के भारत आने-जाने की प्रक्रिया बहुत सरल की गई।

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