जम्मू , फरवरी 09 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की कुछ बस्तियां अब भी बिजली से वंचित हैं और सरकार हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा, "आबादी बढ़ रही है, गांवों का विस्तार हो रहा है और नये घर बन रहे हैं। इनका विद्युतीकरण एक दिन का काम नहीं है। डीपीआर तैयार करने में समय लगता है। ऐसा कोई गांव नहीं है, जो पूरी तरह से बिना बिजली के हो। कुछ गांवों में हालांकि कुछ बस्तियां या हिस्से बिजली के बिना रह गये हैं और उन्हें विद्युतीकृत करने की आवश्यकता है।"बिजली विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री बिलावर के विधायक सतीश कुमार शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र में बिजली से वंचित बस्तियों के संबंध में उठाये सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण का कार्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश के 'कैपेक्स' कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "यह एक सतत प्रक्रिया है। माननीय विधायक के बताये क्षेत्रों के लिए भी डीपीआर तैयार की जा रही है। यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जायेगा कि कोई भी घर बिजली कनेक्शन के बिना न रहे, लेकिन यह प्रक्रिया जारी रहेगी।"मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि बिलावर क्षेत्र की पंचायत मून/देहोता की थिंगनेन, कनोडी और हनोक जैसी कुछ ग्रामीण और दूरदराज की बस्तियां/मोहरें (पूरा गांव नहीं) अब भी बिजली से वंचित या आंशिक रूप से विद्युतीकृत हैं।

उन्होंने कहा, "दूरदराज के क्षेत्रों में बस्तियों का विस्तार एक सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए नियमित अंतराल पर एलटी नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता होती है।"उन्होंने बताया कि जेपीडीसीएल इलेक्ट्रिक डिवीजन कठुआ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इन बिजली रहित घरों को डीए-जेजीयूए' योजना के तहत विद्युतीकरण के लिए प्रस्तावित किया गया था। अधिकतर बिजली रहित घरों के विद्युतीकरण को इस योजना के तहत मंजूरी दे दी गयी है और इसका क्रियान्वयन जम्मू का जेपीडीसीएल परियोजना संभाग कर रहा है।

थिंगनेन, कनोडी और हनोक जैसी कुछ बस्तियों को काम की लागत बढ़ने के कारण हालांकि 'डीए-जेजीयूए' योजना की अंतिम स्वीकृत डीपीआर से हटा दिया गया था।

प्रश्न के एक अन्य भाग का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग के सभी गांव ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड जरिये विद्युतीकृत हैं।

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