जयपुर , जुलाई 07 -- राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर प्रदेश के नागरिकों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जनता की समस्याओं पर जनसुनवाई करने की बजाय समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की आड़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) के समाज में वैमनस्य फैलाने के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बिना किसी मसौदे के जनसुनवाई करवा रही है।

श्री डोटासरा मंगलवार को यहां प्रेस वार्ता में यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी के लिए कमेटी बनायी गयी है, जबकि कानून का कोई मसौदा नहीं बनाया गया है, क्या जनसुनवाई करनी है, यह भी तय नहीं है, उद्देश्य केवल यह है कि देश और प्रदेश में सामाजिक समरसता पर प्रहार करना है। समाज में धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते हैं ताकि मूलभूत समस्याओं को लेकर सरकार अपनी जवाबदेही से बच सके, इसीलिये बिना मसौदे के जनसुनवाई की जा रही है। इस कमेटी में अधिकांश आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है, उत्तराखण्ड, गुजरात, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और अब राजस्थान में कमेटी का दायित्व नेतृत्व के रूप में एक ही जन को लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार गर्वनेन्स को लेकर जनता की जवाबदेही से बचने के लिये बहस प्रारम्भ करवा रही है। यदि एक ही व्यक्ति को सभी राज्यों में दायित्व देना था, तो यह कवायद केन्द्र सरकार को पूरे देश की ही करवा लेनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि देश की संघीय व्यवस्था पर भाजपा प्रहार कर रही है और अब यह सबके सामने उजागर हो गया है कि भाजपा दो तिहाई बहुमत इसलिये जुटाना चाहती है कि लोगों के वोट का अधिकार, पिछड़ों को आरक्षण पर प्रहार करना है, सभी संवैधानिक संस्थाओं एवं एजेंसियों पर काबिज होना है, कोई सरकार की नीतियों के विरुद्ध आवाज नहीं उठा सके, मीडिया की स्वतंत्रता खत्म करनी है और समानता का अधिकार छीन लें, धर्मनिरपेक्षता जो हमारे संविधान में वर्णित है, उसको भाजपा समाप्त करना चाहती है, यही सोच भाजपा की है।

श्री डोटासरा ने सवाल करते हुए कहा कि आज राजस्थान सरकार आम जनता के मुद्दों पर जनसुनवाई क्यों नहीं कर रही है। जनसुनवाई इन मुद्दों लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, बिजली नहीं मिल रही है, प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, रंगदारी वसूलने के लिये व्यापारियों पर गैंग्सटर प्राणघातक हमले कर रहे हैं, मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में अपराधों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है, चार दिन पहले ही व्यापारी की हत्या हुई। मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र एवं राजधानी में कितने अपराध हुये हैं, आज राजधानी सहित प्रदेश की सडक़ों की हालत खस्ता है, गड्ढे हो गये हैं, नकली इंजेक्शन के कारण प्रसूताओं की मौत हो गयी, उनकी किडनी खराब हो गयी, किसानों को खाद् और बीज पर्याप्त मात्रा में समय पर नहीं मिल रहे हैं आदि पर क्यों नहीं हो रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं को भागीरथ घोषित कर दिया कि प्रदेश में पानी ले आये, जबकि पानी तो दु:ख के कारण प्रदेश के लोगों की आंखों में है। यदि जनसमस्यायें जिनसे लोग त्रस्त हैं, पर कोई कमेटी चर्चा करती, तो कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता आमजन के साथ खड़े होकर इन समस्याओं के निस्तारण के लिए अपने सुझाव एवं मुद्दे प्रस्तुत करते, लेकिन भाजपा की प्रदेश सरकार चाहती है कि जिस मुद्दे पर जनसुनवाई की जा रही है उसमें कांग्रेस के लोग जायें, भाजपा के लोग विवाद उत्पन्न करे और प्रदेश का सामाजिक वैमनस्य खराब हो।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में नफरत फैलाना चाहती है, सरकार को किसानों की आमदनी दुगुनी करने के वादे, युवाओं को रोजगार देने के वादे, देश की विदेश नीति सुदृढ़ करने के वादे पर चर्चा करनी चाहिये किन्तु इन विषयों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सांसद तोड़े, बंगाल में दूसरे दलों के सांसद तोड़ रहे हैं, पंजाब में भी सांसद तोड़े, यह संविधान की आत्मा पर प्रहार है, देश के दल-बदल कानून की धज्जियां उड़ायी जा रही है और भाजपा अपने स्वार्थ सिद्धि के लिये ऐसा कर रही है। भाजपा इस प्रकार का संविधान संशोधन करना चाहती है कि भविष्य में लोग अपने मताधिकार से जनप्रतिनिधि भी नहीं चुन सके। वह देश को तानाशाही की ओर ले जा रही है, इसी सोच के साथ भाजपा एवं भाजपा की सरकारें काम कर रही है जो कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान के प्रावधानों के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध पूरी ताकत से करेगी और आमजन की दु:ख-तकलीफों में सभी कांग्रेसजन साथ खड़े होकर सरकार की इन फासीवादी नीतियों के विरोध करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित