नयी दिल्ली , अप्रैल 02 -- पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर रसोई गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार ने पीएनजी को बढावा देने के लिए आठ राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त एलपीजी का आवंटन किया है और राज्यों के आवेदन विचाराधीन हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनजर ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता और समग्र स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपायों पर गुरुवार को यहां अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में अद्यतन जानकारी दी।

सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत फार्मास्यूटिकल, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, और रसायन एवं पेट्रोकेमिकल सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सी3 और सी4 श्रेणियों की आपूर्ति की अनुमति दे दी।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच दिनों में 55,000 से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू हो गयी। अब तक 5 किलोग्राम के चार लाख 30 हजार से अधिक एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट प्रदान की है। इस छूट से प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल, रसायन, ऑटोमोटिव घटक और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक पर निर्भर क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

सरकार ने कहा है कि व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अंतर-मंत्रालयी समन्वय, निर्यातक सुविधा, रसद सहायता और लक्षित राहत उपाय शुरू किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक पश्चिम एशिया क्षेत्र से 975 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में वापस आये 11 नाविक भी शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। संघर्ष शुरू होने के दिन 28 फरवरी से अब तक लगभग 6,24,000 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं और क्षेत्र में हवाई यात्रा की स्थिति में सुधार हो रहा है।

सरकार ने कहा है कि देश में सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि देश भर में सभी खुदरा आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यावसायिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन दिया गया है, जो एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तन से जुड़ा है, और इस दिशा में काम करने वाले राज्यों के लिए अतिरिक्त आवंटन की सिफारिश की जा रही है। वर्तमान में, आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को यह अतिरिक्त आवंटन प्रदान किया जा रहा है, और तीन अन्य राज्यों से प्राप्त आवेदन वर्तमान में विचाराधीन हैं।

सरकार का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिन एलपीजी वितरकों के पास आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। कल ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 95 प्रतिशत की वृद्धि हुई। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है।

सरकार ने पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित रिफाइनिंग कंपनियों को उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा निर्धारित विशिष्ट मात्रा और रिफाइनरी स्रोत के आधार पर फार्मास्यूटिकल विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग आदि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सी3 और सी4 श्रेणियों की कुछ न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।

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