नयी दिल्ली , जुलाई 27 -- सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा, उद्योग और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में विभिन्न पहलों की शुरुआत की हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने सोमवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सरकार के अनुसार एनईपी 2020 का उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को बहुविषयक, समावेशी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। नीति में सभी के लिए शिक्षा की पहुंच, समानता और गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ भौतिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल उपकरणों एवं कनेक्टिविटी तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर संबंधों को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने राज्यों के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने में सहयोग देने की घोषणा की है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें राज्य सरकारों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों सहित अन्य हितधारकों को शामिल किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि उद्योग और विश्वविद्यालयों को एक साथ लाने से शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को शिक्षा एवं कौशल उपलब्ध कराने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनईपी 2020 के अनुरूप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूली पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) को भी शामिल किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही एआई के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार की इन पहलों का व्यापक उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रखते हुए उसे कौशल, रोजगार, उद्यमिता और उद्योग की जरूरतों से जोड़ना है।
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