जयपुर , अगस्त 18 -- राजस्थान विधानसभा में नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह राजस्थान की जनता के मुद्दों से मुंह मोड़ रही हैं।

श्री जूली मंगलवार को यहां सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार असली मुद्दों पर चर्चा करने से डरती है और उसे छात्रों, युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों की पीड़ा पर बात करने में सरकार की कोई दिलचस्पी ही नहीं है।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति लगातार गिर रही है, स्टाफ की भारी कमी है और नामांकन गिरते जा रहे हैं। इस अहम मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिए लेकिन सरकार आंकड़ों और सच्चाई का सामना नहीं करना चाहती, इसलिए वह बहस से भाग रही है।

श्री जूली ने आशंका जतायी कि सरकार विधानसभा का सत्र पूरा नहीं चलाना चाहती और वह सवालों से बचना चाहती है। इसलिए वह विधानसभा से भागेगी। उन्होंने कहा, " मुझे पूरी आशंका है कि सरकार अधूरे सत्र को ही स्थगित कर देगी।"उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही बहाने तलाश रही है। सरकार विपक्ष पर झूठे आरोप लगाकर सत्र स्थगित करने की साजिश रच रही है और वह ठीकरा विपक्ष के सिर फोड़कर अपनी नाकामी छिपाना चाहती है।

श्री जूली ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े हर मुद्दे को सदन में उठायेगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चर्चा से भागी तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करेगा। उन्होंने बताया कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने मांग की है कि बेरोजगारी, पेपर लीक, महिला सुरक्षा, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन और स्कूलों की हालत जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से चर्चा हो।

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