नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ाना तथा संगठित परीक्षा माफिया के खिलाफ प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
डॉ. सिंह ने लोकसभा में इस विधेयक को चर्चा के लिए पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 में संशोधन करने के लिए लाया गया है। ये अधिनियम भी हमारी सरकार ने ही बनाया है। सरकार छात्रों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और संशोधन विधेयक परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहा है। यह पहले भी होता रहा है लेकिन पहले इसके खिलाफ उस तरह की कार्रवाई नहीं हुई जिस प्रकार की कार्रवाई आज हो रही है। उन्होंने कहा कि 2009 में रेलवे भर्ती समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। हमारी सरकार ने इसकी समस्या को समझकर एक विशिष्ट कानून बनाने की सोची इसलिए 2024 में विधेयक लाया गया ताकि परीक्षा में पारदर्शिता लायी जा सके। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कानून बनाया गया जबकि इससे पहले कोई कानून नहीं था।
डॉ. सिंह ने कहा कि हाल का जो घटनाक्रम रहा है उसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निर्णय लिया कि विधेयक में कड़े प्रावधान किये जायें। विधेयक में इस तरह के प्रावधान किये गये हैं जिनसे कोई अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पायेगा। इसमें संगठित तरीके से पेपर लीक, परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कराने या ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों के लिए 10 वर्ष तक की जेल की सजा तथा एक करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि किसी सेवा प्रदाता संस्था के निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधन, अधिकारी, कर्मचारी या उनसे जुड़े अन्य जिम्मेदार व्यक्ति अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी दो से 10 वर्ष तक के कारावास तथा एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में विशेष त्वरित निपटान न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अधिसूचित करने का अधिकार है। अदालतों में मामलों की सुनवाई दिन- प्रतिदिन के आधार पर होगी और आरोपपत्र दाखिल होने से दो महीने में मामले का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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