चंडीगढ़ , जुलाई 23 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अपने आंदोलन को राजनीतिक हितों का शिकार न बनने दें।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की भावनाओं को समझती है और उनकी मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री जाखड़ ने कहा, " हमारे बच्चे देश की सबसे बड़ी पूंजी और हमारी शान हैं। "उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दों का समाधान पुलिस कार्रवाई के बजाय संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने माना कि बड़े आंदोलनों में कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन पुलिस को अधिक संयम और संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पंजाब में मनरेगा कर्मचारियों और सफाई कर्मियों के आंदोलनों के दौरान भी पुलिस बल के प्रयोग से बचा जाना चाहिए था।

श्री जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले ही नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों से बातचीत करने और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए भी तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे संसद चलने देनी चाहिए और वहीं अपने तर्क, सुझाव तथा तथ्य रखने चाहिए। श्री जाखड़ ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शिक्षा और विशेषकर चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर विस्तार किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब 823 हो गयी है। इसी प्रकार आईआईटी की संख्या सात से बढ़कर 23 हो गयी है, जबकि मेडिकल सीटें 51 हजार से बढ़कर 1,36,939 हो गयी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना के तहत 40 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये हैं तथा विद्यार्थियों को 65 हजार करोड़ रुपये के शिक्षा ऋण दिये गये हैं। उनके अनुसार कांग्रेस सरकार के समय शिक्षा बजट 8,500 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

श्री जाखड़ ने कहा कि ये आंकड़े शिक्षा और युवाओं के प्रति भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि यदि व्यवस्था में कहीं कमियां हैं तो सरकार उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि लोगों को अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का अनुभव याद रखना चाहिए, जहां राजनीतिक लाभ कुछ लोगों को मिला, जबकि आंदोलन के मूल नेतृत्व को किनारे कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा छात्र आंदोलन के साथ भी ऐसा नहीं होना चाहिए।

श्री जाखड़ ने कहा कि मोदी सरकार छात्रों की चिंताओं से पूरी तरह अवगत है और उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों से सरकार के साथ संवाद का रास्ता अपनाने और अपने आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थों का माध्यम न बनने देने की अपील की।

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