जयपुर , मई 08 -- राजस्थान में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हिन्दुस्तान स्काउट एण्ड गाईड संस्था में शिविरों के माध्यम से घपला और नियुक्तियों के नाम पर भ्रष्टाचार करने के मामले की जांच कराने की राज्य सरकार से मांग की है।

श्री डोटासरा ने इस मामले को लेकर शुक्रवार को यहां आयोजित प्रेस वार्ता में यह मांग करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में शीघ्र जांच कराई जानी चािए क्योंकि इस संस्था में राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अध्यक्ष हैं और मंत्री की संस्था पर गम्भीर आरोप लगे हैं, उन आरोपों पर निष्पक्षता से जांच करवाकर तथ्यों सहित जानकारी आमजनता के सामने रखी जानी चाहिये।

उन्होंने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा 22 नवंबर 2024 को प्रस्तुत संस्था की कार्यकारिणी की सूची के अनुसार श्री दिलावर संस्था के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के साथ नरेन्द्र औदिच्य सचिव बने। संस्था के अध्यक्ष श्री दिलावर के संरक्षण में संस्था चल रही है और संस्था के सचिव पर बेहद गम्भीर आरोप लगे हैं।

श्री डोटासरा ने बताया कि जब इस बारे में श्री दिलावर से मामले की जांच कराने का निवेदन करने पर उन्होंने उन्हें (श्री डोटासरा) मानसिक रोगी कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया लेकिनयह मामला गंभीर हैं इसकी उन्हें जांच कराई जानी चाहिए ताकि मामले के बारे में पूरा पता चल सके। उन्होंने कहा कि श्री दिलावर जांच कराये जाने से क्यों बच रहे हैं उन्हें तो आगे आकर जांच कराई जानी चाहिए क्योंकि वह संस्था के अध्यक्ष हैं उनकी जिम्मेदारी बनती है कि उनकी संस्था पर कोई आरोप लगाये, उनकी उन्हें जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा जयपुर के चाकसू में पांच दिवसीय शिविर लगाया गया और वह मात्र एक दिन का चला , वह भी आवासीय नहीं लगा। शिविर के लिए संस्था के खाते में 300 रूपये जमा होना अनिवार्य है, पैसे ज्यादा लिये वह अलग आरोप है, किन्तु 300 रुपए तो न्यूनतम संस्था के खाते में जमा होना आवश्यक है, किन्तु एक रूपया भी संस्था में खाते में इस शिविर के लिए जमा नहीं हुआ है। इस तरह के प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर कई शिविर लगाये गये।

श्री डोटासरा ने बताया कि इसी संस्था के जिला ऑर्गेनाईजर रहे अजय कुमावत ने संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जयपुर सम्भाग को लिखित में शिकायत की है कि बिना सक्षम स्वीकृति के शिविरों में मनमाना शुल्क निर्धारण कर अवैध वसूली हो रही है। कार्मिकों को धमकी देकर निजी बैंक खातों में संस्था के अधिकारियों ने धनराशि जमा करवाई गई। सीएसआर फण्ड से 60 लाख रूपये फर्जी बिल बाउचर के माध्यम से गबन किये जाने का उल्लेख भी इस शिकायत में किया गया।

उन्होंने बताया कि शिकायकर्ता अजय कुमावत से 92400 रुपये श्री नरेन्द्र औदिच्य ने, 7300 रूपये संस्था के विजय दाधीच समन्वय सहायक सचिव ने, 594960 रुपये मनोज त्रिवेदी एएसओसी ने, कुल छह लाख 94 हजार 660 रुपये अपने-अपने निजी खाते में ट्रांसफर कराये। इस प्रकार कुल 23 लाख 43 हजार 156 रुपए चारों अधिकारियों ने अपने-अपने निजी खातें में डरा-धमकाकर प्राप्त किये। जब इन अधिकारियों द्वारा निजी खाते में पैसे लेने पर आपत्ति दर्ज करवाई गई तो आपत्तिकर्ताओं जिनसे पैसे अधिकारियों ने अपने निजी खाते में लिये को पद से हटा दिया गया।

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