पटना , जुलाई 22 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा के मॉनसून सत्र में बुधवार को कहा कि उनका विभाग दूषित जल, अत्यधिक खाद और कीटनाशक के उपयोग से पैदा हो रहे कृषि उत्पादों के प्रयोग से होने वाली बीमारियों के खतरे से वाकिफ है और इसके निदान के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।कृषि मंत्री श्री सिन्हा ने विधायक कुमार सर्वजीत के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए स्वीकार किया कि शहरी इलाकों में नालों के दूषित जल के उपयोग से उपजाए जा रहे फल-सब्जियों के प्रयोग से लोगों को गंभीर बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब किसी व्यक्ति को कैंसर हो जाये, तो चर्चा का विषय बन जाता था। उन्होंने कहा कि आज कैंसर ज्यादातर घरों तक दस्तक दे चुका है।
श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार सचेत है और किसानों की 'फार्मर आईडी' बनाकर उनका पंजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अबतक 48 लाख आईडी बनाई जा चुकी है और सरकार के पास हर किसान की भूमि की जानकारी उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र इस पहल के बाद सरकार मिट्टी की जांच के साथ किसानों को उर्वरकों तथा कीटनाशकों के उचित प्रयोग से सम्बंधित सलाह उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि 'फार्मर आईडी' एक तरफ जहां भूमि विवादों को खत्म करेगा, वही इससे आधुनिक और सुरक्षित खेती करने में मदद मिलेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि से जुड़े 12 विभागों के समन्वय के साथ इस बात की व्यवस्था की जा रही है कि रासायनिक की जगह ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 550 उच्च विद्यालयों में प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं, जो मिट्टी की जांच कर किसानों को खाद और कीटनाशकों के उपयोग से सम्बंधित सलाह देंगी।
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