यमुनानगर , अक्टूबर 04 -- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को कहा कि सरकार की खराब नीतियों से युवा खेती से दूर रहा है।
श्री टिकैत आज यमुनानगर के औरंगाबाद में भाकियू की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में बोल रहे थे। उन्होंने धान खरीद, गन्ने की कीमत और सरकार की नीतियों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।
महापंचायत में धान खरीद में आ रही परेशानियों, फसल खरीद और गन्ने की कीमत सहित किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
इस दौरान भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने यमुनानगर में हाईवे जाम करने का ऐलान किया। घोषणा के बाद किसान पंचकूला-सहारनपुर हाईवे पर धरने पर बैठ गए और मांग की कि अधिकारी उनकी मांगों का ज्ञापन लेने के लिए हाईवे पर ही आएं।
जाम की सूचना मिलते ही जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ मौके पर पहुंचे और हाईवे पर बैठकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। करीब 45 मिनट की वार्ता के बाद किसानों ने ज्ञापन सौंपा जिसके बाद धरना समाप्त कर जाम खोल दिया गया।
श्री टिकैत ने कहा कि धान की खरीद प्रक्रिया अभी भी सही तरीके से शुरू नहीं हुई है। किसानों को खरीद के नाम पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये वही किसान हैं जिन्होंने 13 महीने तक दिल्ली को घेर कर रखा था।
उन्होंने कहा कि सरकार की खराब नीतियों के कारण युवा खेती से दूर हो रहा है। हरियाणा के किसान जो भी निर्णय लेंगे, भाकियू उनके साथ खड़ी रहेगी। जरूरत पड़ी तो हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा सील करने का फैसला भी लिया जा सकता है। किसान समिति के निर्णय के साथ हैं और देशभर में किसानों के साथ अत्याचार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के किसान भी अपनी फसल हरियाणा में बेचने आते थे, लेकिन अब हरियाणा का किसान ही परेशान है। उन्होंने फसल की खरीद सुचारु तरीके से कराने और मंडियों में किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।
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