जयपुर , अप्रैल 10 -- राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने राज्य सरकार को कृषि निवेश, निर्यात-उन्मुख उत्पादन और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कहा है कि उसका विशेष ध्यान मोटे अनाज (मिलेट्स), बागवानी, कीमती खेती और जल संरक्षण तकनीकों पर है, जो राजस्थान को वैश्विक कृषि व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनाने में सहायक है।
डाॅ मीणा शुक्रवार को यहां 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026' के तहत कर्टेन रेज़र एवं ओरिएंटेशन वर्कशॉप के आयोजन में बोल रहे थे। उन्होंने किसानों को पारम्परिक खेती से हटकर आधुनिक खेती की ओर आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि खेती में नई-नई तकनीकों का उपयोग कर समृद्ध एवं खुशहाल बनना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने संबोधनों में कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन, उद्यमिता और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर विशेष बल दिया ताकि राज्य का एग्रीटेक इकोसिस्टम सुदृढ़ हो और किसानों को अधिक अवसर एवं संसाधन उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, एफपीओ एवं प्रगतिशील किसानों की उल्लेखनीय सहभागिता रही, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में संभावनाओं और साझेदारी के नए आयामों पर सार्थक विचार-विमर्श किया।
इस मौके पर प्रमुख शासन सचिव (कृषि) मंजू राजपाल ने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम 2026) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदृष्टि का एक उदाहरण है जो कि राज्य में कृषि को एक समग्र इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मंच किसानों, एग्रीटेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाकर ज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रभावी आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वास है कि इस प्रकार के समन्वित प्रयासों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में निवेश, उद्यमिता और तकनीकी अपनाने को भी नई गति मिलेगी, जिससे राजस्थान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक सशक्त एग्रीटेक हब के रूप में उभरेगा।
कार्यक्रम के तहत आयोजित ओरिएंटेशन सत्रों में "कृषि में नवाचार एवं उन्नत तकनीक" तथा "कृषि में उद्यमिता एग्री स्टार्टअप, एनजीओ एवं एफपीओ की भूमिका" जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। विभिन्न सत्रों में नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कृषि क्षेत्र में सहयोग, निवेश एवं तकनीकी अपनाने के अवसरों पर विचार रखे, जिससे यह मंच संवाद और साझेदारी का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।
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