वाराणसी , मई 10 -- केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि उनका विभाग देश भर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अवसंरचना तथा अनुसंधान सहायता प्रणालियों का विस्तार कर रहा है, ताकि उन्नत प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान सुविधाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। डा सिंह ने यहां बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की मदद से स्थापित अत्याधुनिक अंतःविषयक केंद्र "साथी-बीएचयू" का निरीक्षण किया और कहा कि "साथी" उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और उद्योग सहायता के लिए राष्ट्रीय स्तर के केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना है। उन्होंने कहा कि "साथी", एफआईएसटी, एआरआरएफ और अन्य अनुसंधान सहायता कार्यक्रम युवा वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्योगों के लिए मजबूत अनुसंधान एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रहे हैं। इससे उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग भी मजबूत हो रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों और उन्नत अनुसंधान क्षेत्रों में भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अनुसंधान संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि देशभर में अंतरिक्ष प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं और उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे वैज्ञानिक सोच, नवाचार आधारित शिक्षा और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

करीब 72 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित "साथी-बीएचयू" राष्ट्रीय स्तर की साझा वैज्ञानिक अवसंरचना सुविधा है। यह केंद्र शिक्षण संस्थानों, शोध संस्थानों, उद्योगों, स्टार्टअप और एमएसएमई को अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण, तकनीकी विशेषज्ञता और विश्लेषणात्मक सेवाएं उपलब्ध कराता है। यह सुविधा विश्वविद्यालय परिसर में धारा-8 कंपनी मॉडल के तहत संचालित की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र में स्थापित कई अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और विश्लेषणात्मक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्हें सुपर रेजोल्यूशन कन्फोकल माइक्रोस्कोपी सहित विभिन्न उन्नत शोध सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संकाय सदस्य तथा "साथी-बीएचयू" के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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