पटना , अक्टूबर 25 -- बिहार के सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं के निर्माण एवं अधिष्ठापन कार्य में धीमी प्रगति पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने नाराजगी जताई है और राज्य परियोजना निदेशक नवदीप शुक्ला ने कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रयोगशालाओं को तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इस मामले में सभी संबंधित एजेंसियों टीसीआईएल और रेलटेल से स्पष्टीकरण मांगा गया है और स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने पर एजेंसियों पर अर्थदंड लगाया जाएगा।

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवदीप शुक्ला ने 24 अक्टूबर को दोनों एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ कार्य की प्रगति की समीक्षा की। समग्र शिक्षा के तहत टर्नकी आधार पर कराए जा रहे इस कार्य के लिए टीसीआईएल को राज्य के 20 जिलों और रेलटेल को 18 जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक रेलटेल द्वारा 1,055 और टीसीआईएल द्वारा 1,144 विद्यालयों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किए गए हैं। इस तरह कुल 2,199 विद्यालयों में प्रयोगशालाओं के निर्माण एवं अधिष्ठापन का कार्य कराया जा रहा है।

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