चंडीगढ़ , अक्टूबर 08 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सरकारी स्कूलों में नौ अक्टूबर को होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के दौरान 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के प्रचार और अभिभावकों के वीडियो रिकॉर्ड करने के कथित निर्देशों पर आपत्ति जताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि स्कूलों को किसी सरकार या राजनीतिक दल के प्रचार का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।
श्री ढिल्लों ने आरोप लगाया कि पीटीएम में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, अनुशासन और शैक्षणिक प्रगति पर चर्चा के बजाय सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछने तथा महिला लाभार्थियों के वीडियो रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाना है, न कि किसी सरकारी योजना के प्रचार के लिए सामग्री तैयार करना। भाजपा नेता ने दावा किया कि शिक्षकों को अभिभावकों के वीडियो रिकॉर्ड कर स्कूलों के सोशल मीडिया पेज और अभिभावकों के वाट्सऐप समूहों पर साझा करने को कहा गया है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रचार से जोड़ने का प्रयास बताया।
श्री ढिल्लों ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही सरकारी स्कूलों को आप के रंगों में रंगने का प्रयास कर चुकी है और अब पीटीएम जैसे शैक्षणिक कार्यक्रमों का भी प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलोंमें हजारों शिक्षकों और व्याख्याताओं के पद रिक्त हैं तथा सरकार को इन पदों को भरने और शिक्षा संबंधी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने 'मावां-धीयां सत्कार योजना' को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महिलाओं को लंबे समय तक आर्थिक सहायता नहीं मिली तथा अब एक-दो किस्तें जारी कर योजना का प्रचार किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से कथित निर्देश वापस लेने और पीटीएम को विद्यार्थियों की शिक्षा एवं शैक्षणिक कल्याण तक सीमित रखनेकी मांग की। पंजाब में नौ अक्टूबर को करीब 19,200 सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम आयोजित होनी है।
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