नागपुर , मई 14 -- महाराष्ट्र के नागपुर में गुरुवार की सुबह सरकारी डागा महिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) में आग लग गयी, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों और मरीजों के रिश्तेदारों में दहशत फैल गयी।

इस घटना में हालांकि किसी के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है।

वार्ड में भर्ती सभी नवजात बच्चों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल के मुताबिक यह घटना पूर्वाह्न करीब 10 बजे विशेष नवजात शिशु देखभाल कक्ष (एसएनसीयू) में घटित हुई, जहां करीब 38 बच्चों का इलाज चल रहा था।

प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी, जिससे वार्ड के अंदर धुआं जमा हो गया। जैसे ही धुएं का पता चला, डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया। कुछ बच्चों को डागा अस्पताल के दूसरे वार्ड में ले जाया गया, जबकि कई अन्य को एहतियात के तौर पर मेयो हॉस्पिटल में स्थानांतरित कर दिया गया।

इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल और कर्मचारियों की तुरंत कार्रवाई से किसी भी तरह की जान का नुकसान होने से बचा लिया गया।अचानक धुआं फैलने से अस्पताल परिसर में मौजूद रिश्तेदारों में घबराहट फैल गयी। बाद में सुरक्षा कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में किया।

आग लगने का सही कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गयी है। अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट का शक है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट के आने के बाद ही सही कारण का पता चल सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के उपायों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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