भोपाल , अक्टूबर 23 -- सरकारी जमीन की कथित अवैध बिक्री और धोखाधड़ी से जुड़े आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के मामले में भोपाल के तीन बिल्डरों रामनाथ शर्मा, अश्वनीनाथ शर्मा और मनाथ शर्मा की जमानत याचिकाएं अदालत ने निरस्त कर दीं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अग्निन्द्र कुमारश्या द्विवेदी की अदालत ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए। ईओडब्ल्यू ने शुक्रवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आरोपपत्र प्रस्तुत किया।
ईओडब्ल्यू भोपाल के निरीक्षक उमेश कुमार मिश्रा ने आरोपियों को अदालत में पेश किया। मामला अपराध क्रमांक 47/2019 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120-बी के तहत धोखाधड़ी तथा आपराधिक षड्यंत्र के आरोप हैं। आरोपपत्र भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193 के तहत प्रस्तुत किया गया।
तीनों बिल्डर हरेकृष्ण कॉलोनाइजर और जानकी बिल्डर से जुड़े बताए गए हैं। सरकारी जमीन की कथित अवैध बिक्री और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद तीनों के जमानत आवेदन निरस्त कर दिए।
अदालत के आदेश के बाद तीनों आरोपियों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां रक्तचाप बढ़ा हुआ पाए जाने पर उन्हें भर्ती किया गया। दोबारा जांच के बाद अस्पताल से छुट्टी दिए जाने पर जेल ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान मानवाधिकार आयोग के मेडिकल बोर्ड ने उनका फिर परीक्षण किया। रक्तचाप बढ़ा हुआ पाए जाने पर बोर्ड ने तीनों को विशेषज्ञ उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया।
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