पटना , मई 28 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि यदि सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम किया गया तो इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास एवं पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने सरकारी जमीन की सुरक्षा और रिकॉर्ड दुरुस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन का बंदरबांट अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम किया गया तो इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिये शीघ्र कानून बनाने जा रही है।

मंत्री ने कहा कि जमीन से ही विकास की आगे की राह तय होती है। इसलिए सरकारी जमीन का सही रिकॉर्ड और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेवारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी अथवा मिलीभगत को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित कार्यों के निष्पादन का निर्देश दिए । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी मौजूद रहे।

मंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी सुयोग्य श्रेणी के भूमिहीन परिवारों को वास की भूमि उपलब्ध कराना लक्ष्य है। इसलिए इस कार्य में लापरवाही स्वीकार नहीं है। सभी ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें जमीन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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