धार , जुलाई 22 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में सरकारी कार्यालय में बैठकर केंद्र सरकार और उसके समर्थकों पर टिप्पणी करने तथा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में वीडियो बनाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने उन्हें सेवा से पृथक किए जाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), भोपाल के मिशन संचालक को भेजा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बाग विकासखंड के काकड़वा गांव में पदस्थ सीएचओ किरण भाटिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के संदर्भ में अपनी टिप्पणी की थी। वीडियो उनके निजी सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया था।

वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इस पर आपत्ति जताई। भाजपा मंडल अध्यक्ष अमरसिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा सरकारी कार्यालय में बैठकर सरकार की आलोचना करना सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

विवाद बढ़ने के बाद सीएचओ ने सोशल मीडिया से वीडियो हटा दिया और कहा कि उनका उद्देश्य सरकार की आलोचना करना नहीं था। उन्होंने अपने कृत्य पर खेद व्यक्त करते हुए क्षमा भी मांगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता सिंगारे ने बताया कि शासकीय सेवा में रहते हुए इस प्रकार का आचरण नियमों के अनुरूप नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सीएचओ को सेवा से पृथक करने का प्रस्ताव तैयार कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल के मिशन संचालक को भेज दिया गया है। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

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