पटना , मई 21 -- राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर उत्पन्न विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति, परिवार या राजनीतिक दल की निजी अथवा पैतृक संपत्ति नहीं होता, बल्कि यह राज्य की संपत्ति है, जिसका आवंटन सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और कानून के अनुसार किया जाता है। श्री कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि बिहार सरकार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड के स्थान पर 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह निर्णय प्रचलित नियमों और वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया है,उसका सम्मान किया जाना चाहिए। कानून और प्रशासनिक व्यवस्था से ऊपर कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल नहीं हो सकता।
श्री कुशवाहा ने कहा कि इस विषय पर मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए जिस भाषाशैली में राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनौती दी है,वह अमर्यादित है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस प्रकार के व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
श्री कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के लिए समान नियम होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों और संपत्तियों का उपयोग भी निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही होना चाहिए। किसी भी सरकारी आवास पर स्थायी अथवा पारिवारिक अधिकार का दावा करना उचित नहीं है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश कुमार ने कहा कि इस विषय को अनावश्यक राजनीतिक रंग देने के बजाय कानून और संविधान की भावना के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का स्पष्ट मत है कि कानून का शासन ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और सरकारी संपत्तियों के संबंध में सभी निर्णय नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुसार ही होने चाहिए।
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