बैतूल , अगस्त 18 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के शाहपुर और भीमपुर क्षेत्र की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) को निजी संस्था को सौंपे जाने के निर्णय के विरोध में विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने शासकीय आईटीआई शाहपुर (कुंडी) और शासकीय आईटीआई भीमपुर को परम फाउंडेशन को सौंपे जाने संबंधी आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

शासकीय आईटीआई कुंडी के करीब एक सैकड़ा विद्यार्थियों ने आईटीआई परिसर से शाहपुर एसडीएम कार्यालय तक लगभग आठ किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला। हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विद्यार्थियों ने सरकार के निर्णय के विरोध में नारे लगाए। मार्च के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दोनों संस्थाओं को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।

विद्यार्थियों ने कहा कि आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए शासकीय आईटीआई तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से कम खर्च में रोजगारपरक प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलता है। निजी संस्था को संचालन सौंपे जाने से शुल्क, प्रवेश प्रक्रिया और अन्य खर्चों का आर्थिक बोझ गरीब, आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों पर बढ़ने की आशंका है।

ज्ञापन में विद्यार्थियों ने शासकीय संस्थाओं का निजीकरण करने के बजाय उनकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने आईटीआई में आधुनिक मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराने, पर्याप्त प्रशिक्षकों की नियुक्ति करने तथा रोजगारपरक नए ट्रेड शुरू करने की मांग की।

विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश की 16 आदिवासी शासकीय आईटीआई के निजीकरण पर रोक लगाने और उन्हें अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि संस्थाओं की मूलभूत सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत कर आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

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