हैदराबाद , अप्रैल 30 -- हैदराबाद के एक दंपत्ति के लिए एक दशक लंबा इंतजार खुशियों में बदल गया, जब बुधवार को एक सरकारी अस्पताल में मुफ्त आई.वी.एफ. उपचार के बाद उन्हें जुड़वां बच्चे (लड़का और लड़की) नसीब हुए।

बूयागुड़ा के निवासी गद्दाम त्रिवेणी और मस्तान राव दस साल से संतान प्राप्ति की कोशिश कर रहे थे। निजी अस्पतालों में 13 ओव्यूलेशन चक्र और एक आई.यू.आई. प्रक्रिया सहित कई प्रयासों के बावजूद, वे असफल रहे। बाद में दंपत्ति ने गांधी अस्पताल के आई.वी.एफ. केंद्र में संपर्क किया, जहां डॉक्टरों ने समस्या की पहचान की और आई.वी.एफ. के माध्यम से उनका सफल उपचार किया।

अस्पताल ने आई.वी.एफ. प्रक्रिया से लेकर प्रसव तक का पूरा उपचार, दवाओं सहित मुफ्त में उपलब्ध कराया। निजी अस्पतालों में आमतौर पर इसी उपचार पर 10-12 लाख रुपये खर्च होते हैं। मां और नवजात शिशु दोनों का स्वास्थ्य अच्छा बताया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने इस सफल परिणाम के लिए अधीक्षक डॉ. वाणी और आई.वी.एफ. केंद्र की प्रमुख डॉ. टी. शोभा सहित चिकित्सा दल को बधाई दी।

बुधवार रात जारी एक अस्पताल के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि गांधी और पेटला बुर्ज जैसे सरकारी अस्पतालों में उन्नत प्रजनन सेवाएं जनता को लाभ पहुंचा रही हैं, जो बिना किसी वित्तीय बोझ के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को पुख्ता करती हैं।

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