नयी दिल्ली , जून 18 -- अपने को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्तियां दिलाने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपी को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने नियमित जमानत दे दी है।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक नेटवर्क बनाया और वे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, खुफिया ब्यूरो, गृह मंत्रालय और अन्य अधिकारियों सहित विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े प्रभावशाली अधिकारी बनकर पेश होते थे। आरोपी मुकेश लाल शाह ने कथित तौर पर पीड़ितों को उच्च पदों पर नियुक्तियां दिलाने के बहाने फंसाया और उनसे पैसे ऐंठे। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि शाह इस षड्यंत्र से जुड़ा था और खुद को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का एक वरिष्ठ अधिकारी बताता था । दूसरे अन्य आरोपी, मुख्य आरोपी के दावों को सच साबित करने के लिए संभावित पीड़ितों को फोन करते थे। इस मामले में नवीन रघुवंशी और नितिन बलजीत सहित अन्य सह-आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था।
पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकीलों ने कहा कि प्राथमिकी में शाह का नाम नहीं था और उन्हें जांच के दौरान सामने आये बयानों के आधार पर फंसाया गया। उन्होंने दलील दी कि किसी भी पीड़ित ने उन पर पैसे देने का आरोप नहीं लगाया और उनके पास से व्यक्तिगत उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले एक मोबाइल फोन के अलावा कोई भी जाली दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र, नकदी, बैंक रिकॉर्ड या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि आरोपी 28 फरवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में है, आरोप पत्र पहले ही दायर किया जा चुका है और अब उन्हें हिरासत में रखकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित