पटना , जुलाई 10 -- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार के गठन के बाद पहली महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित हुई।
बैठक में राजग के सभी पांच घटक दलों के नेताओं ने सरकार के अब तक के कार्यों की समीक्षा की तथा भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर विचार-विमर्श किया। खास बात यह थी कि इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए।
राजग की इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कुमार के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं नित्यानंद राय, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, सांसद रामनाथ ठाकुर, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, जद(यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री तथा गठबंधन के सभी पांच घटक दलों के जिला अध्यक्ष मौजूद थे।
इस बैठक में सरकार के पहले 100 दिनों के कार्यकाल की समीक्षा, सरकार और गठबंधन सहयोगी दलों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने तथा सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
राजग सूत्रों के अनुसार, बैठक का प्रमुख एजेंडा जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय को मजबूत करना था, जिससे गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनता के बीच संवाद स्थापित करने में मिलकर काम करें। साथ ही विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी विचार किया गया।
बैठक में राजनीतिक रूप से संवेदनशील और विवादास्पद मुद्दों पर राजग की साझा संवाद रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। गठबंधन के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सभी घटक दल सार्वजनिक रूप से एकजुट रुख अपनाएं और ऐसे परस्पर विरोधी बयान देने से बचें, जिनका विपक्ष राजनीतिक लाभ उठा सके।
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