नई दिल्ली , सितंबर 24 -- भारतीय नौसेना का प्रमुख युद्धपोत 'आईएनएस त्रिशूल' फ्रांसीसी नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास वरुण में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के शहर टूलॉन पहुंच गया है।

रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाना और समुद्री साझेदारी को मजबूत करना है। इस अभ्यास में जमीन और समुद्र, दोनों जगह पेशेवर गतिविधियां होंगी। इनमें एक-दूसरे के युद्धपोतों पर आवागमन , संचालन से जुड़ी बातचीत और खेल गतिविधियां शामिल हैं।

इन गतिविधियों से दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन के अनुभव और बेहतर काम करने के तरीकों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है। इससे दोनों नौसेनाओं के बीच एक-दूसरे को समझने की क्षमता भी बढ़ेगी।

आईएनएस त्रिशूल की फ्रांस में तैनाती ऐसे समय हुई है जब भारत और फ्रांस हिंद महासागर क्षेत्र और उसके बाहर रक्षा और समुद्री सहयोग को लगातार बढ़ा रहे हैं।

दोनों देशों की नौसेनाएं 'वरुण' के जरिए नियमित रूप से एक-दूसरे के साथ अभ्यास करती रही हैं। यह अभ्यास भारतीय नौसेना और फ्रांसीसी नौसेना के बीच साथ मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

अभ्यास के दौरान दोनों नौसेनाओं के जवान और अधिकारी पेशेवर बातचीत में हिस्सा लेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और काम करने के तरीकों से परिचित कराना है।

एक-दूसरे के युद्धपोतों पर जाने से नौसैनिकों और अधिकारियों को साझेदार देश की नौसेना के कामकाज और क्षमताओं को सीधे देखने का अवसर भी मिलेगा।

'वरुण' का यह संस्करण भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक और समुद्री साझेदारी को दिखाता है। यह दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग के बढ़ते दायरे को भी दर्शाता है।

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