रेवाड़ी , अगस्त 23 -- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार समानता, गरिमा और समावेशी विकास के माध्यम से सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव किसी एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर अपनाया जाने वाला मूल्य है। इसका अर्थ किसी की पहचान मिटाना नहीं, बल्कि हर पहचान का सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री रविवार को बावल विधानसभा क्षेत्र में मेघवाल उत्थान समिति की ओर से आयोजित समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना के साथ अंत्योदय के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता दी जा रही है।

'मिशन बुनियाद' के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गयी, जिनमें से 272 का चयन आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में हुआ और 61 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की।

मुख्यमंत्री ने मेघवाल उत्थान समिति की सभी 10 मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समिति के लिए 31 लाख रुपये के अनुदान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में पुस्तकालय खोलने का लक्ष्य है और अब तक राज्य में करीब 1,000 पुस्तकालय खोले जा चुके हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले मेघवाल समाज के 411 युवाओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव और कोसली विधायक अनिल यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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