वाराणसी , अक्टूबर 14 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की बात करती है, लेकिन राज्यसभा चुनाव में उसने अपने दावों के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा के पीडीए का मतलब 'परिवारवाद डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना' है।
योगी ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित शिक्षक-स्नातक महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आठ सीटें जीतीं, जबकि सपा को दो सीटें मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व देते हुए उनके लोगों को राज्यसभा भेजने का काम किया है।
उन्होंने सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पीडीए की बात करती थी, लेकिन राज्यसभा के टिकट वितरण में उसका पीडीए कहां चला गया? उन्होंने कहा कि सपा ने अपने दो प्रत्याशियों में से एक के रूप में राम गोपाल यादव को चुना। उन्होंने सवाल किया कि काशी, गाजीपुर और बलिया के किसी यादव को मौका क्यों नहीं दिया गया। इसी तरह, दूसरी सीट पर किसी दलित को प्रत्याशी बनाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा ने एक टिकट मुंबई के एक धन्नासेठ को दे दिया। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से परिवारवाद और 'पराया धन अपना' की राजनीति उजागर होती है।
योगी ने कहा कि स्नातक और शिक्षक समाज के दो सजग प्रहरी हैं। किसी समाज और राष्ट्र के भविष्य का आकलन करना हो तो युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उन्हें मिलने वाली दिशा को देखकर उसके भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है।
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