गाजीपुर , अप्रैल 15 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक ओमप्रकाश सिंह ने तंज कसते हुये कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार समाजवादियों के डर से पंचायत चुनाव कराने से बच रही है। उन्होंने मांग की कि ग्राम प्रधानों को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए। विधायक ने 16वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के फंड में वृद्धि करने की भी वकालत की। बिजली विभाग पर निशाना साधते हुए ओपी सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के अफसर और मंत्री उतना लूट रहे हैं, जितना गजनी, गोरी और तैमूर ने भी नहीं लूटा था। देश में गैस की किल्लत का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी बात की कमी नहीं है। ओपी सिंह ने कहा कि इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड है कि सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति इतना झूठ बोलते हैं।

बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने पर टिप्पणी करते हुए ओपी सिंह ने कहा, "जब सम्राट ही आ गए तो अल्लाह जाने।" उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि राजा, महाराजा, नवाब चले गए, अब सम्राट आ गए हैं, सम्राट जानें सम्राट का हाल।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर ओपी सिंह ने उन्हें "राजनीति में एक दुर्घटना" बताया। उन्होंने कहा कि हर प्रश्न का उत्तर अनिवार्य नहीं होता और ओपी राजभर अनिवार्य श्रेणी में नहीं आते।

उन्होंने यह भी कहा कि ओपी राजभर पंचायत चुनाव तो नहीं करा पाए और ऐसे बोलते हैं जैसे वास्कोडिगामा के बाद सबसे ज्यादा यात्रा उन्होंने ही की हो। ओपी सिंह ने राजभर पर गरीबी भूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि हर समझदार आदमी को बोलने से पहले सोचना चाहिए।

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