समस्तीपुर , सितंबर 08 -- बिहार में समस्तीपुर जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य को तेज कर दिया हैं। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने आज यहां बताया कि जिले के मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर एवं विधापतिनगर प्रखंडों में गंगा से आई बाढ़ के कारण दो लाख 33 हजार 212 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षित आवागमन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मेंअपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राजेश कुमार समेत प्रशासनिक एवं आपदा प्रबंधन की टीमें कैम्प कर स्थिति पर निगरानी रखें हुए है।

श्री कुशवाहा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 81 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के माध्यम से सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन करीब 65 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आश्रय एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब तक 32 हजार 515 पॉलिथीन शीट का वितरण किया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 18 मेडिकल कैम्प लगायें गए हैं।

इन कैम्पों में चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पशुओं की सुरक्षा और देखभाल के लिए 17 पशु कैंम्प एवं शेड संचालित किए जा रहे हैं। पशुओं के लिए अब- तक 490 क्विंटल चारा एवं भूसा वितरित किया गया है। इसके अलावा 17 पशु चिकित्सा कैंपों के माध्यम से अब- तक 290 पशुओं को दवा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

श्री कुशवाहा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित तीनों प्रखंडों में लोगों के सुरक्षित आवागमन तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 201 नावों का परिचालन किया जा रहा है। नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख बनाये हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की गई है।

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