समस्तीपुर , जुलाई 11 -- िहार में समस्तीपुर जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के प्रायोगिक फार्म में शनिवार को कुलपति डॉ.पी.एस. पांडेय ने स्वयं वैज्ञानिकों और छात्रों के साथ खेत में उतरकर अनोखी पहल करते हुए धान की रोपनी की। इस "धान रोपाई मिलन कार्यक्रम" का उद्देश्य छात्रों को प्रयोगशाला से निकलकर खेत की वास्तविकताओं से जोड़ना है। रोपनी के दौरान कुलपति डॉ. पांडेय के साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मयंक राय सहित स्नातकोत्तर छात्र-छात्रा शामिल थीं।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. पी.एस.पांडेय ने कहा कि कृषि शिक्षा सिर्फ किताबों और लैब तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब-तक हमारे वैज्ञानिक और छात्र खुद खेत में नहीं उतरेंगे, तब- तक "लैब टू लैंड" का सपना पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज उन्होंने छात्रों के साथ मिलकर धान की रोपनी की, जिससे वें मिट्टी, पानी और फसल की बारीकियों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।
कुलपति ने कहा कि उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय का हर अनुसंधान सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचे, जिससे किसानों की आमदनी दुगुनी हो सकें।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.मयंक राय ने कहा कि कुलपति के निर्देश पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए कौशल विकास का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि रोपनी, खेत की तैयारी और पौधों की दूरी जैसे हर चरण का व्यावहारिक अनुभव उन्हें भविष्य में बेहतर कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने में मदद करेगा।
कार्यक्रम में छात्रों ने पैडलिंग, ले-आउट डिजाइनिंग और वैज्ञानिक तरीके से रोपनी का प्रशिक्षण लिया।
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