बीजापुर , मई 12 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में समर कैंप, ब्रिज कोर्स और गैर शिक्षकीय कार्यों को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मंगलवार को नवपदस्थ कलेक्टर विश्वदीप का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और समर कैंप एवं अन्य अतिरिक्त कार्यों को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

इसी मांग को लेकर जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया। शिक्षकों ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए राज्य शासन ने 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। इसके बावजूद जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के तहत बच्चों को समर कैंप में बुलाकर खेल, योग, डांस जैसी गतिविधियां कराई जा रही हैं और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह शासन के आदेशों के विपरीत है और तेज गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षकों से लगातार गैर शिक्षकीय कार्य भी कराए जा रहे हैं। जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ-साथ बस्तर मुन्ने, स्कूल वेंडे दयाकल और तेंदूपत्ता संबंधी कार्यों में भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। कई शिक्षकों को एक साथ दो से तीन कार्यों में लगाया गया है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भीषण गर्मी और मानसिक दबाव के कारण हाल ही में दो शिक्षकों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ी, जिनमें ब्रेन हेमरेज और मृत्यु जैसी घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में समर कैंप और ब्रिज कोर्स संचालन का आदेश शिक्षकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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