पटना, मार्च 20 -- सरकारी महकमों में होने वाले सभी तरह के टेंडर (निविदा) प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) करेगी।
ईओयू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पंकज कुमार ने शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकारी महकमों में होने वाले सभी तरह के टेंडर (निविदा) प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) करेगी। उन्होने कहा कि इसके लिए एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम सभी टेंडर प्रक्रियाओं की समुचित जांच करेगी।
श्री कुमार ने कहा कि कई विभागों में होने वाले विभिन्न तरह के टेंडरों में गड़बड़ी की शिकायत लगातार ईओयू को मिल रही थी। इसके मद्देनजर जांच एजेंसी ने इस टीम का गठन किया है। पहली बार ईओयू में सरकारी टेंडर की मॉनीटरिंग को लेकर इस तरह की व्यवस्था की है।
एसपी ने कहा कि अवैध खनन से जुड़े मामले में 17 जिलों में जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच में यह पाया गया कि खनन सॉफ्टवेयर में टेंडर समेत अन्य प्रक्रियाओं में ओटीपी प्रमाणीकरण के प्रावधान को अनदेखा करते हुए कई कंपनियों को गलत तरीके से मान्यता दे दी गई है। इस तरह से गड़बड़ी कर 325 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। अवैध बालू खनन से जुड़े सभी जिलों में 62 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनकी जांच भी ईओयू कर रहा है।
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