पटना , सितंबर 08 -- ित्त विभाग की ओर से मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट प्राक्कलन और वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित बजट प्राक्कलन की तैयारियों के संबंध में राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में सभी विभागों के लिए एक अक्तूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से अपने बजट प्राक्कलन को कंप्रिहेंसिव फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफएमएस) 2.0 पोर्टल पर अपलोड करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया।

इस कार्यशाला में सभी विभागों को एक पॉवर प्लाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बजट तैयार करने की अद्यतन प्रक्रिया से रूबरू कराते हुए तकनीकी पहलुओं और नीतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई। सीएफएमएस 2.0 सॉफ्टवेयर पर दिए जा रहे प्रशिक्षण के दौरान 15 अंकों के विपत्र कोड की संरचना, राजस्व एवं पूंजीगत खातों के व्यय के सही वर्गीकरण के संबंध में निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर सतत विकास एवं विशेष बजट तैयार करने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप योजनाओं को तैयार करने पर जोर दिया गया। साथ ही विभागों को जेंडर बजट, बाल कल्याण और हरित बजट के लिए आवश्यक डेटा और भौतिक लक्ष्यों की प्रविष्टि से अवगत कराया गया।

कार्यशाला में राज्य में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 से अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) बजट तैयार करने संबंधी नई पहल की विस्तृत जानकारी साझा की गई। वित्तीय पारदर्शिता के लिहाज से महालेखाकार कार्यालय के परामर्शों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए लघु शीर्ष-800 का उपयोग समाप्त करने का निर्देश दिया गया।

इस कार्यशाला में स्थानीय निकायों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थाओं को दिए जाने वाले सहायक अनुदानों के सही उपयोग और प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कार्यशाला राज्य सरकार के संसाधनों के कुशल आवंटन, वित्तीय अनुशासन और समयबद्ध एवं त्रुटिरहित बजट बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम रहा। इसमें मुख्य रूप से सभी विभागों के बजट पदाधिकारी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार एवं सहायक आंतरिक वित्तीय सलाहकारों ने भाग लिया।

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