पुणे , मई 10 -- प्रख्यात कानूनविद एवं अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को भारतीय संविधान की भावना का सम्मान करना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।
श्री श्रीवास्तव ने रविवार को कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिवेश में सरकारों द्वारा केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप अक्सर लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने लोकतंत्र के स्तंभों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विकेंद्रीकरण किया है और यह अपेक्षा की जाती है कि प्रत्येक संस्था बिना किसी हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से कार्य करे।
उन्हाेंने कहा कि यदि कोई भी दल जांच एजेंसियों के कामकाज में बाधा डालता है, तो मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, लगातार राजनीतिक आरोपों के बावजूद, उच्चतम न्यायालय ने अभी तक केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज में किसी प्रत्यक्ष हस्तक्षेप का आधिकारिक संज्ञान नहीं लिया है।
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