तिरुवनंतपुरम/सबरीमाला , अक्टूबर 17 -- केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शनिवार को घोषणा की कि सबरीमाला को देश का सबसे बेहतरीन तीर्थस्थल बनाया जायेगा।
श्री सतीसन ने आगामी 'मंडला-मकरविलक्कु' तीर्थयात्रा सीजन की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सीजन के बाद सबरीमाला में भीड़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के मॉडल को लागू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पंबा में भीड़ को कम करने के लिए निलाक्कल में जर्मन मॉडल का एक आश्रय स्थल बनाया जायेगा, जिसमें 6,000 भक्त ठहर सकेंगे। तीर्थमार्ग पर स्थित ट्रांजिट सेंटरों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए 22 आपातकालीन चिकित्सा इकाई स्थापित की जायेंगी।
श्री सतीसन ने बताया कि मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे और प्रसाद पर 'त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड' का ही नियंत्रण रहेगा। बोर्ड के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि तीर्थसीजन के दौरान 'अप्पम' और 'अरवना' का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दर्शन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवा के कर्मियों को उनके संबंधित प्रमुखों के नेतृत्व में तैनात किया जायेगा। सरकार एक सख्त नियम भी लागू करेगी ताकि पंबा में छोड़े गए कपड़ों के कारण कचरा प्रबंधन की समस्या न खड़ी हो। कचरे के निपटान की व्यवस्था एक तय समय-सीमा के भीतर लागू कर दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरलम राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) तीर्थयात्रियों के आवागमन के लिए 461 बसें तैनात करेगा। इसके साथ ही सबरीमाला और अन्य मंदिरों के बीच संपर्क को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मोटर वाहन विभाग निरीक्षण करेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 15 करोड़ रुपये की लागत से चलाक्कयम सड़क का नवीनीकरण कर रहा है और काम को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं।
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