जयपुर , जून 21 -- सेना की सप्त शक्ति कमान ने रविवार को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस -2026 बहुत उत्साह और उमंग के साथ मनाया और एक हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया।

रक्षा सूत्रों के अनुसार इस सामूहिक योग सत्र में सैनिकों, महिलाओं, बच्चों और एनसीसी कैडेट सहित एक हजार से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया जो स्वास्थ्य, आरोग्य और सर्वांगीण कल्याण के प्रति सभी की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम हेल्दी एजिंग के लिए योग के अनुरूप आयोजित किया गया। इस अवसर पर योग के माध्यम से शारीरिक ऊर्जा, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक संतुलन तथा सभी आयु वर्गों के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया। इस दौरान योग की शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, एकाग्रता तथा आंतरिक संतुलन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित किया गया। सामूहिक योगाभ्यास ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा व्यक्तिगत और सामुदायिक कल्याण को सुदृढ़ करने में योग के महत्व को रेखांकित किया।

दक्षिण पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह के नेतृत्व में सप्त शक्ति कमांड के सभी सैन्य स्टेशनों पर एक सप्ताह तक विभिन्न योग कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन आयोजनों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक जीवन पद्धति है, जो शक्ति, संतुलन और आत्मविश्वास का प्रतीक है। जयपुर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित मुख्य योग सत्र का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. शेखावत, चीफ ऑफ स्टाफ, सप्त शक्ति कमान ने किया।

सैनिकों, उनके परिवारों, बच्चों तथा एनसीसी कैडेटों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने एकता, सहभागिता और सामुदायिक भावना को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी उत्सव मनाया गय। साथ ही, योग के उस वैश्विक संदेश को पुनः रेखांकित किया गया, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन एवं सामंजस्य स्थापित करने का मार्ग दिखाता है।

योग सत्र के दौरान दैनिक जीवन में योग को अपनाने के महत्व पर बल दिया गया, ताकि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके, रोगों की रोकथाम को बढ़ावा मिले तथा जीवन में संतुलन और सुदृढ़ता विकसित हो। 'शरीर में शक्ति, मन में स्पष्टता और आत्मा में एकता' का संदेश पूरे कार्यक्रम का मुख्य भाव रहा। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर योग की सकारात्मक शक्ति तथा स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन के लिए इसकी निरंतर उपयोगिता को प्रदर्शित किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित