पुष्कर , अप्रैल 08 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सनातन संस्कृति को समूचे विश्व को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम बताते हुए बुधवार को कहा कि इसका ज्ञान भावी पीढ़ी के उत्थान के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है तथा उन्हें हमारी मौलिक संस्कृति से जोड़ने की महती आवश्यकता है।

श्री शर्मा आज यहां पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ कार्यक्रम में शामिल होकर यह बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपत्नीक यज्ञ प्रदक्षिणा की तथा यज्ञ स्थल पर स्थित गायत्री मंदिर में षोडषोपचार विधि से पूजा अर्चना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस महायज्ञ के माध्यम से सनातन संस्कृति का ज्ञान पूरे विश्व में संचारित होकर मानव कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ जैसे कार्यक्रम भारतवर्ष में सतत तौर पर आयोजित होते रहने चाहिए। उन्होंने महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए सभी संत एवं आचार्यों का आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री का महायज्ञ आयोजन समिति पदाधिकारीगण की ओर से सनातन एवं संत परंपरा से स्वागत किया गया।

इस दौरान श्री शर्मा ने संत आवास में महायज्ञ के प्रणेता एवं आयोजक प्रखर महाराज एवं संत राघवाचार्य का अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात उन्होंने जप एवं पाठशाला स्थल के भी दर्शन किए।

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