लखनऊ , मार्च 11 -- समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सनातन परंपराओं को अपमान करने का आरोप लगाया है।

श्री यादव ने बुधवार को उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से लखनऊ में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम की अनुमति को लेकर लगायी गयी शर्त के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा कि किसी कार्यक्रम पर अनावश्यक शर्तें और प्रतिबंध लगाना कमजोर सत्ता की पहचान है। यदि भाजपा सनातन परंपराओं का सम्मान नहीं कर सकती तो कम से कम उसका अपमान भी न करे।

उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिये आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार एक विशेष समाज के सम्मान को ठेस पहुंचा रही है। इस समाज के लोग भाजपा सरकार में मंत्री, सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि के रूप में शामिल हैं, लेकिन इस मुद्दे पर वे अपने ही समाज के सामने जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि अपने स्वार्थ के लिए भाजपा के साथ बने हुए हैं और अपने समाज में सम्मान खो चुके हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि जनता अगले चुनाव में ऐसे नेताओं को सबक सिखाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ जनप्रतिनिधि, जो वास्तव में अपने समाज के हितैषी हैं, वे उन दलों के संपर्क में हैं जो सनातन परंपराओं और समाज का सम्मान करते रहे हैं।

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