दरभंगा , अक्टूबर 08 -- बिहार में दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा है कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से आसपास के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी तथा दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) पर मरीजों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।श्री कुमार ने आज सहायक समाहर्ता कल्पना रावत एवं सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार के साथ सदर अस्पताल गंगवाड़ा में द्वितीय चरण की स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सा कक्षों का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा चिकित्सा उपकरणों एवं मशीनों के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि 29 सितंबर को अस्पताल में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवा शुरू की गई थी और प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज इसका लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज द्वितीय चरण में छह महत्वपूर्ण विभागों एवं सेवाओं का संचालन शुरू किया गया है, जिसमें भर्ती सेवा, आपातकालीन सेवा, गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू), 24 घंटे प्रसव सेवा सहित सर्जरी, अस्थि रोग, दंत चिकित्सा और दवा सेवा शामिल हैं। अगले सप्ताह से सदर अस्पताल, गंगवाड़ा में ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हाईवे के समीप स्थित होने के कारण अस्पताल तक पहुंचना सुगम है और आपात स्थिति में आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रभारी उपाधीक्षक सह स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया नारायण ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध प्रमुख चिकित्सा मशीनें एवं उपकरण क्रियाशील हैं। विभिन्न प्रकार की आपातकालीन सेवाओं के साथ प्रसव कक्ष का संचालन भी शुरू किया गया है, जिससे गर्भवती महिलाओं को चौबीसों घंटे प्रसव संबंधी चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत है। द्वितीय चरण की सेवाएं शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को अब बाह्य रोगी सेवा के साथ भर्ती, आपातकालीन उपचार, प्रसव, सर्जरी, अस्थि रोग, दंत चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, डीपीएम स्वास्थ्य प्रभात कुमार राजू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशीष अमन, डीसीएम रवि कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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