चंडीगढ़ , मार्च 16 -- पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सोमवार को पंजाब विधानसभा में हाल ही में हुई घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सदन के भीतर जो कुछ भी हुआ, वह संविधान की गरिमा और स्थापित संसदीय परंपराओं के विरुद्ध था।

श्री शर्मा ने कहा, "स्पीकर साहब, आप अपनी आंखों के सामने यह सब कैसे होने दे रहे हैं? यह संविधान की गरिमा पर सीधा हमला है। ऐसी कौन सी मजबूरी थी जिसने आपको इसे रोकने से रोक दिया?" उन्होंने कहा कि विधानसभा के नियमों के अनुसार, किसी भी सदस्य द्वारा अपने शरीर पर नारे लिखना या सदन के भीतर राजनीतिक विरोध के रूप में उन्हें प्रदर्शित करना सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन माना जाता है। विधानसभा के भीतर ऐसा आचरण न केवल संविधान की अवहेलना करता है बल्कि सदन की गंभीरता को भी कम करता है।

उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा सार्वजनिक मुद्दों पर गंभीर चर्चा का मंच होनी चाहिए, न कि राजनीतिक स्टंटबाजी या नाटकबाजी का। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जो पार्टी खुद को संविधान का सबसे बड़ा रक्षक होने का दावा करती है, वही आज खुलेआम इसकी गरिमा को तार-तार कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान के नाम पर राजनीति करना और साथ ही इसकी गरिमा को नजरअंदाज करना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं की रक्षा करना 'आसन') की जिम्मेदारी है। नियम पुस्तिका के अनुसार, सदन में मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करना स्पीकर का कर्तव्य है। उन्होंने अंत में कहा कि पंजाब की जनता ने अपने प्रतिनिधियों को नाटकबाजी करने के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने और राज्य के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों का समाधान खोजने के लिए चुना है। भाजपा पंजाब यह अपेक्षा करती है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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