उज्जैन , सितंबर 19 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज को सनातन धर्म, वैदिक संस्कृति एवं राष्ट्रभाव का तेजस्वी प्रवक्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने हरिद्वार में विश्व विख्यात भारत माता मंदिर की स्थापना की तथा निवृत्त जगद्गुरु शंकराचार्य एवं महामंडलेश्वर के रूप में देश-विदेश में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का प्रसार किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर रोड स्थित होटल अंजूश्री में ब्रह्मलीन गुरुदेव श्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उज्जैन में आयोजित यह महोत्सव उनकी दिव्य स्मृति, उपदेशों एवं राष्ट्र-धर्म की सेवा को समर्पित है।

उन्होंने कहा कि संतों के मुखारविंद से निकली वाणी से संपूर्ण वातावरण धन्य हो जाता है। सनातन धर्म की ध्वजा आज देश और दुनिया में लहरा रही है। संतों ने मध्यप्रदेश की इस धरती पर चरण रखकर इसे धन्य किया है। बाबा महाकाल की नगरी में पद्म विभूषण पंडित सूर्यनारायण व्यास से जुड़े प्रसंग और यहां की ज्योतिष परंपरा भी सदैव स्मरणीय है।

डॉ. यादव ने कहा कि संन्यास मार्ग से जुड़कर समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले संत अपनी आध्यात्मिक साधना के साथ सामाजिक बाधाओं, विकास के मार्ग और विभिन्न चुनौतियों पर चिंतन कर समाज को सही दिशा दिखाते हैं। यह हमारी सनातन पद्धति की अद्भुत धरोहर है। सूर्य देवता की भांति अग्निवर्ण वस्त्र धारण करने वाले संत स्वयं के लिए कुछ नहीं चाहते, बल्कि गृहस्थ सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण की कामना करते रहते हैं।

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