पौड़ी , जुलाई 14 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत मंगलवार को सतपुली में पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन-4.0 के अंतर्गत संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बाजार क्षेत्र के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जहां से कोई भी बाल श्रमिक अथवा प्रतिबंधित कार्यों में संलग्न किशोर नहीं मिला।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल के नेतृत्व में जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) ने सतपुली के कोटद्वार रोड, बाँघाट रोड, पौड़ी रोड और बस स्टेशन क्षेत्र में दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने बाल एवं किशोर श्रम से जुड़े मामलों की गहन जांच की लेकिन किसी भी प्रतिष्ठान में बालक को खतरनाक कार्य करते हुए या किसी किशोर को प्रतिबंधित कार्यों में नियोजित नहीं पाया गया।
निरीक्षण के साथ-साथ टीम ने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों को बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन संबंधी कानूनों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें।
अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई के जनसंपर्क कार्यकर्ता ओमप्रकाश थपलियाल, चाइल्ड हेल्पलाइन के केस वर्कर धर्मेंद्र सिंह, पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक रियाज अहमद, हेड कांस्टेबल टीकम सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह तथा सतपुली व्यापार मंडल के अध्यक्ष जयदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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