अमृतसर , अगस्त 22 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सज्जन कुमार को कथित तौर पर 'रोल मॉडल' बताये जाने वाले बयान की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से श्री हुड्डा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और उन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग की।

श्री धालीवाल ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 1984 की हिंसा के जख्म आज भी सिख समुदाय के दिलों में हैं और ऐसे व्यक्ति को आदर्श बताने वाला बयान पीड़ित परिवारों तथा पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या श्री हुड्डा का बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नेताओं की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों को स्पष्ट करना चाहिए कि वे श्री हुड्डा के बयान से सहमत हैं या नहीं। उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरजीत सिंह औजला और डॉ. अमर सिंह से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पंजाब के लोगों को बताना चाहिए कि वह 1984 के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है या ऐसे बयान देने वाले अपने नेताओं के साथ। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ऑपरेशन ब्लू स्टार, श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले और 1984 की सिख विरोधी हिंसा की घटनाओं को नहीं भूल सकता।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब और अमृतसर दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पंजाब आने से पहले इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस नेतृत्व सिख समुदाय से समर्थन कैसे मांग सकता है, जबकि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पर 1984 की हिंसा से जुड़े व्यक्ति को आदर्श बताने का आरोप है।

श्री धालीवाल ने इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के भाजपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि अकाली दल लंबे समय से राष्ट्रीय दलों पर पंजाब के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में भाजपा के साथ गठबंधन की चर्चा के बीच अकाली नेतृत्व को पंजाब की जनता के सामने गठबंधन का आधार और कारण स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने कृषि कानूनों के दौरान अकाली दल नेता एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल की भूमिका का उल्लेख करते हुए अकाली दल से किसानों के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य है और किसानों से जुड़े किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते पर राजनीतिक दलों को अपनी स्पष्ट नीति जनता के सामने रखनी चाहिए।

श्री धालीवाल ने कहा कि भाजपा और अकाली दल चाहे जितने भी गठबंधन कर लें, आप पंजाब के मुद्दों पर मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता पुराने राजनीतिक गठबंधनों और सत्ता की राजनीति को समझ चुकी है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में अपने हितोंके आधार पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार के विकास कार्यों और जनहित की पहलों के कारण विपक्षी दलों के किसी भी गठबंधन से आप को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित